शीर्षक - आप कुलमालिक गुरू अर्जुन देव रूप में आया
कलयुग अंदर जहाज बनाया , भवसागर से पार लगाया।
आप कुलमालिक गुरू अर्जुन देव रूप में आया ।
सबको प्रभु का नाम जपाया, दीन दुखियों को गले लगाया।
भेदभाव को जड़ से मिटाया, मानवता का धर्म सबको सिखाया।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
सांबा ,जम्मू-कश्मीर
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