#हे जगदीश्वर हे त्रिलोकीनाथ
हे जगदीश्वर हे त्रिलोकीनाथ
सबके सिर पर रख दो अपना हाथ
लोक परलोक में होते साथ
तुम ही हो अनाथों के नाथ
हे कृष्ण हे राम
मुझे ले चलो अपने धाम
तुझसे बड़ा तेरा नाम
मुक्ति पाना है कलयुग में आसान
हे गोविंद हे गोपाल
काट दे मन के जंजाल
सेवा सिमरन सत्संग जीव को करते मालामाल
परमेश्वर की राह पर चलनेवाले की सतगुर करते संभाल
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा, जम्मू-कश्मीर
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