#माता गुजरी
" सर्द हवाएं जिसको हिला नहीं पाई
धर्म कर्म को जिसने निभाने की कसम खाई
अपने पोतों को गुरु उपदेश पर
दृढ़ता से रहने की सीख सिखाई
धन्य धन्य गुजरी माई सारी सृष्टि से आवाज़ आई ।"
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
शीर्षक: प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है सभी ग्रंथों का सार सभी एक है परिवार बना ले इसको जीवन का आ...
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