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शनिवार, 17 दिसंबर 2022

मन के रस भोग

 #मन के रस भोग 

" मन के रस भोग लगा देते है काया में रोग

कारण इसके जीवन सारा बन जाता शोक

बिगड़ जाता इंसा का लोक परलोक

इस सत्य से अनजान हैं सब लोक । "


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर 

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