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शुक्रवार, 16 दिसंबर 2022

शरणाई

#शरणाई

 " तेरी शरणाई में माधो मैं मेरी गंवाई 

तेरी अकथ महिमा गाने से मन में आ गई भलाई 

अब जान ली तेरी ठाकुराई 

सृष्टि के कण कण में कुलमालिक तेरी ही रोशनाई ।"

स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर 

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