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शनिवार, 3 सितंबर 2022

शिक्षक (गुरु)

 #शीर्षक - शिक्षक (गुरु) 

गुरुदेव के चरणों में शत् शत् करो प्रणाम

गुरु द्वारा ही सब विषयों का मिलता है ज्ञान

गुरु मूर्ति का हमेशा धरे ध्यान

हृदय से सदा करें गुरुदेव का सम्मान

गुरु की चरण धूलि को माथे पर लगाना

गुरु की शिक्षाओं के अनुसार ही अपना जीवन बिताना 

गुरु का स्नेह सबको नहीं मिल पाता

भाग्यशाली ही इस अवसर का लाभ उठाता

गुरु अपने ज्ञानसागर से शिष्य को ज्ञानवान बनाता 

निष्काम भाव से अपना कर्तव्य निभाता 

गुरु ईश्वर का ही साक्षात स्वरूप कहलाता 

अपने शिष्य को जीवन जीने का सुगम राह दिखाता

गुरु ही मन का अंधकार मिटाता

ज्ञान प्रकाश द्वारा हमारा भविष्य उज्ज्वल बनाता 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर 

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