#परिचित
परिचित तूं मेरे एहसास से,
मेरे मन के हर भाव से,
मेरे जीवन का सार तूं,
मेरा प्रेम प्यार तूं ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला सांबा जम्मू कश्मीर
शीर्षक: प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है सभी ग्रंथों का सार सभी एक है परिवार बना ले इसको जीवन का आ...
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