शीर्षक - धर्म नहीं कर्म बड़ा
धर्म के नाम पर लड़ने वाला दुर्भावना से भरा पड़ा
संत महात्मा के उपदेश से कोसों मील दूर खड़ा
धर्म कर्म को समझाने वाला उपदेशों को सुनाने वाला
भ्रमजाल में फंसा स्वयं है लोगों को धर्म की शिक्षा देने चला
धर्म की शिक्षाओं को भूलाकर मनगढ़ंत बातें बनाकर
कर्मकांडों का भ्रम जलाकर फैलाकर सबको वहम जाल फंसाने चला
गुरु उपदेशों कर अनदेखी कर,
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
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