फ़ॉलोअर

गुरुवार, 1 सितंबर 2022

धर्म नहीं कर्म बड़ा

 शीर्षक - धर्म नहीं कर्म बड़ा 

 धर्म के नाम पर लड़ने वाला दुर्भावना से भरा पड़ा 

संत महात्मा के उपदेश से कोसों मील दूर खड़ा 

धर्म कर्म को समझाने वाला उपदेशों को सुनाने वाला 

भ्रमजाल में फंसा स्वयं है लोगों को धर्म की शिक्षा देने चला 

धर्म की शिक्षाओं को भूलाकर मनगढ़ंत बातें बनाकर

कर्मकांडों  का भ्रम जलाकर फैलाकर सबको वहम जाल फंसाने चला

गुरु उपदेशों कर अनदेखी कर, 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर 




कोई टिप्पणी नहीं:

प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है

 शीर्षक: प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है सभी ग्रंथों का सार  सभी एक है परिवार  बना ले इसको जीवन का आ...