शीर्षक - जनसंख्या की समस्या
जनसंख्या की समस्या बहुत भारी
भूखे मरने की हो रही है तैयारी
त्रस्त है इससे दुनिया सारी
बनती जा रही है यह घातक बिमारी।
अधिक जनसंख्या से बढ़ती है बेरोजगारी
बिल्कुल नहीं यह हितकारी
सब ओर हाहाकार मचाई
बिना पैसों के बच्चे कैसे करेंगे पढ़ाई ।
अधिक जनसंख्या से सुख साधनों में कमी आई
महंगाई ने सबकी नींद है उड़ाई
वस्तुओं की कमी निरंतर बढ़ती जाती
वस्तुओं की कीमत में नित उछाल है लाती।
जमीन दिनों दिन घटती जाती
सबको घर बनाने की जमीन कहां मिल पाती
जनसंख्या वृद्धि से सब समस्याएं बन जाती
महंगाई, वस्तुओं की कमी सबको बहुत रुलाती।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर
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