शीर्षक - अधूरे सपने
अधूरे सपने को पूरा करने की मन में ठान लो
सपने को पूरा करने के बाद ही आराम करो
सपने अधूरे वहीं रह जाते हैं
जिनमें कोशिशें कम होती है
मुश्किलें भी रास्ता रोक नहीं पाती
जिनमें मेहनत लग्न होती है
सपने देखने का अधिकार सबको समान है
मेहनतकश को ही मिलता सफलता का मुकाम है
सपने सोते हुए देखना सबसे बड़ा गुनाह है
सोते हुए ही हो जाते हैं दुनिया से फनाह है
जागती आंखों से देखे सपने ही पूरे होते हैं
मेहनत और लगन से अधूरे सपने के महल खड़े होते हैं
अधूरा रह जाने कोई ख्वाब चलो अपने आप को जगाते हैं
मेहनत लगन को अधूरे सपनों को पूरा करने का हथियार बनाते हैं ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
सांबा, जम्मू कश्मीर
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