शीर्षक - नशा मुक्ति
चलो सारे संसार को नशा मुक्त बनाते हैं
सबको नशा से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में बताते हैं
संत महापुरुष भी अपनी वाणी में नशा से बचने के लिए कहते हैं
नशा करने से लोक परलोक बिगड़ जाता है सबको सच्चाई बयान करते हैं
नशा घर गृहस्थी की तबाही का कारण बनता है
करोड़ों लोगों का घर इसी कारण उजड़ता है
लाखों बच्चे अनाथ हो जाते हैं
उनके ऊंचे उठने के सपने धरे धरे के रह जाते हैं
मां बाप का सहारा बनने वाला नशे की बलि चढ़ जाता है
अपने मां बाप को रोता बिलखता छोड़ जाता हैं
सरकार को कुंभकर्णी नींद से जगाते हैं
नशा बेचने बनाने वाली फैक्ट्रियों में ताला लगाता है
जब नशा बेचने वाले , बनाने वाले ही खत्म हो जाएंगे
तब ही हम संसार को हम नशा मुक्त बना पाएंगे।
चलो सबको नशे की लत से बचाते हैं
कलमकार होने का धर्म निभाते हैं ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला -सांबा, जम्मू कश्मीर
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