शीर्षक - सबका मालिक एक है
सभी धर्मों के ग्रंथ यही सिखाते
मन के सारे भ्रम मिटाते
अनेक में एक ही की ज्योति दिखाते
सबका मालिक एक है मनुष्य को यही पाठ पढ़ाते।
संत गुरु भक्त जन एक को ही गाते
सबके मन में भक्ति भाव जगाते
सबको सच सुनाते बताते
सबका मालिक एक है आठों पहर दुनिया को यही समझाते।
मन को मायाजाल से मुक्ति दिलाते
मन मंदिर में परमेश्वर को ध्याते
दीन दुनिया की सब चिंताएं भूल जाते
सबका मालिक एक है जब हृदय से मान जाते।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर
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