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गुरुवार, 3 मार्च 2022

वृंदावन की मनमोहक होली

नमन मंच 🙏🙏🙏

 शीर्षक - वृंदावन की मनमोहक होली 

ओ मेरे कान्हा मुझे प्रेम का रंग लगा दो 

मेरी जन्मों की बिरहा की आग को बुझा दो 

मेरे फीके जीवन‌ में अपने प्रेम का रंग भर दो 

तेरे प्रेम रस को मैं अपने रोम रोम में भर लूं 

अपने अतृप्त मन की वेदना को तेरे दर्शन दीदार से शांत कर लूं

कान्हा तेरे वृंदावन की मनमोहक होली 

जहां बनता है तूं सबका हमजोली 

तेरा प्रेम का  गहरा रंग तन मन में बस जाए 

मोह माया का पर्दा मेरे मन के भीतर से हट जाए 

मेरे प्यारे श्याम सुंदर सलोने ऐसा गहरा रंग लगा दें

मेरे तन मन में अपने प्रेम का गहरा रंग चढ़ा दें।


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर












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