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मंगलवार, 1 मार्च 2022

नाम रंगन चढ़ा दो

 शीर्षक - नाम रंगन चढ़ा दो 

नाम रंगन चढ़ा दो मेरे सतगुरु दीनदयाल 

तेरे बिना मेरे मन में कोई आया ना ख्याल

मेरे मन‌ पर पड़ गया माया जाल 

इस कारण सतगुरु बिगड़ गया है मेरे मन का हाल।

ऐसी कृपा करो लालो के लाल 

मेरा मन‌ नाचे सिर्फ तेरे ताल 

पल  पल सताने आता हैं काल 

समझ नहीं आती उसकी मुझे कुचाल।


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला : सांबा, जम्मू कश्मीर



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