शीर्षक - भारत देश है मेरा
शांति का जो पुजारी हैं
जिसकी एकता सब पर भारी है
धरती को माता कह पूजा जाता है
सबका भला ईश्वर से मांगा जाता है
ऐसा भारत देश है मेरा ।
नारी माता सीता स्वरूपा मानी जाती है
सबसे बहुत सम्मान पाती है
अपने बच्चों को अच्छे अच्छे संस्कार सिखाती है
घर की गृहस्वामिनी कहलाती है
ऐसा भारत देश है मेरा ।
नदियाँ, सरोवर मुक्ति धाम कहलाते हैं
तन, मन के सब पाप मिटाते है
धर्म ग्रंथों का गान ईश्वर के मार्ग पर ले जाता है
आत्मा पर पड़ी विषय विकारों की मैल हटाता है
ऐसा भारत देश है मेरा ।
गीता, कुरान, गुरु ग्रंथ, बाईबल की वाणी इस धरा पर गाई जाती है
सब धर्मों से प्रेम करने की शिक्षा यही दी जाती है
भेदभाव करने वालों पर संत महापुरुष आवाज उठाते हैं
समानता की भावना सबको सिखाते हैं
ऐसा भारत देश है मेरा ।
स्वरचित एवंं मौलिक
अमरजीत सिंह
सांबा, जम्मू कश्मीर
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें