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#हिंददेश परिवार अमेरिका इकाई
# दिनांक- 23/06/2021
# दिन- बुधवार
# विषय- आंतरिक सुंदरता
# विधा - गद्य - पद्य
सारा विश्व सुंदर दिख आता,
आंतरिक सुंदरता से नाता बनाता,
अपना पराए का भेद मिट जाता,
जब आंतरिक सुंदरता का गुण आता,
मन के सब भेद मिट जाते,
जब सब पर प्रेम लुटाते,
आंतरिक सुंदरता आंखों से अझोल रहती,
दिलों में हमेशा राज करती,
आंतरिक सुंदरता अमूल्य खजाना,
जिसे न समझे मनुष्य अनजाना,
आंतरिक सुंदरता अजर अमरता पाती,
जब संसार में प्रेम फैलाती,
आंतरिक सुंदरता स्वयं का ज्ञान,
मन में बसता स्वयं भगवान ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू, जम्मू कश्मीर
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