नमन मंच🙏🙏🙏🙏
#साहित्य संगम संस्थान तेलंगाना इकाई
दिनांक - 05/06/2021
दिन - शनिवार
विषय - मेरी प्यारी कविता
विधा - स्वैच्छिक ( छंदमुक्त कविता)
मेरी प्यारी कविता तूं मेरे बोल,
तूने मुझे बना कितना अनमोल,
तेरे कारण मान बहुत पाया,
तूने मुझे प्रसिद्ध बनाया,
कविता समाज सेवा बनाया,
लोगों की समस्याओं से कराया,
कविता समाज करती उत्थान ,
कविता रचने वाले पाता बहुत सम्मान,
कविता समाज में जागृति लाती,
अपने असीम अस्तित्व का अहसास कराती,
कविता मेरे मन अंतर का प्यार,
मुझे संवारना है इससे पूरा संसार ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू , जम्मू कश्मीर
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