फ़ॉलोअर

मंगलवार, 29 जून 2021

आओ मिलकर साथ चले हम

#विषय - आओ मिलकर साथ चले हम

विधा - स्वैच्छिक - छंदमुक्त कविता


सबको साथ मिलकर चलना है, 

हर मुश्किल से हमें लड़ना है, 

जब हम साथ साथ होगे, 

हर मुश्किल हमसे दूर भागेगी, 

एकता ही देश को मजबूत बनाती, 

दुश्मन के छक्के छुड़ाते, 

विभिन्नता हमारी अलग पहचान बनाती, 

हमारी संस्कृति हमें मिलकर रहना सिखाती, 

हर त्योहार को हम मिलकर मनाते, 

एक दूसरे को गले लगाते, 

हर धर्म मिलकर रहना सिखाता, 

सबको  एक ईश्वर की संतान बताता, 

हिंदी हमारी राष्ट्रीय भाषा कहलाती, 

सब भाषाओं को अपनी सखियाँ बताती, 

सब भाषाएँ भारत देश का गौरव बढ़ाती, 

सबको मिलकर रहने का संदेश पहुंचाती । 


स्वरचित एवं मौलिक

  अमरजीत सिंह

जम्मू  , जम्मू कश्मीर








कोई टिप्पणी नहीं:

साधु-संत का संग

 साधु-संत का संग ,मिटाता कोटि पाप  वचन मान भक्ति कर, मिट जाता आपा भाव