# नमन मंच 🙏🙏🙏
#नव साहित्य परिवार
# दिनांक -13/05/2021
# दिन - गुरुवार
# विषय - मतलबी दुनिया
# विधा - स्वैच्छिक
मतलब ही स्वभाव बन गया सब रिश्तों में,
कोई किसी से दिल से प्यार न करता,
सब स्वार्थ ही पूरा करते नजर आते,
कोई न मिलता गम बांटने के लिए,
दुनिया में मतलब की ऐसी आंधी आई,
अब दुश्मन से बन गए सगे भाई,
कोई नहीं कर्तव्य निभाता,
मतलब परस्ती की ऐसी ऋतु आई,
मतलब परस्ती ने मानव चरित्र को गिराया,
इंसान को इंसानियत से दूर भगाया ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू , जम्मू कश्मीर
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