# नमन मंच🙏🙏🙏
# साहित्य बोध जम्मू कश्मीर इकाई
# दिनांक- 18/05/2021
# दिन- मंगलवार
#विषय- योग
#विधा - आलेख
करें योग, रहे निरोग
योग ऋषि पंतजलि जी की महत्वपूर्ण देन है ।जो मनुष्य को तन और मन को सबल बनाते हैं। मनुष्य में नव ऊर्जा का संचार होता है । नित योग अभ्यास करने से शरीर मजबूत होता है और रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है ।
योग से एकग्रता बढ़ती है, जिससे ध्यान केंद्रित करने में सहायता मिलती है । हमारा ध्यान जल्दी से जुड़ जाता है। हमारे मन को अपार शांति मिलती है बड़े बड़े महापुरुषों ने योग के माध्यम से मन को एकग्र करके बहुत सारी दैवीय शक्तियां प्राप्त की है ,और संसार का भला किया है।
योगासन का नित्य अभ्यास हमारी उम्र बढ़ाता है । हम अपने आप को हल्का हल्का सा महसूस करते हैं। हमारा शरीर स्फूर्ति और तंदरुस्ती से भरा रहता है । पेट की बिमारियों से बचाव रहता है। मन में शांति ही शांति रहती है ,मन विचलित नहीं होता हैं । विकारों की अग्नि शांत रहती है । हम सभी को योगाभ्यास नित्य करना चाहिए। यही हमारा रोगों से बचाव करेगा और हमारे शरीर को तंदरुस्ती प्रदान करेगा।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू , जम्मू कश्मीर
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