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शुक्रवार, 21 मई 2021

हम अपने भाग्य के निर्माता स्वयं है

 नमन मंच 🙏🙏🙏

#साहिति्यक महफ़िल परिवार

दिनांक - 01/07/2021

दिन - गुरुवार

#विषय- भाग्य /किस्मत/नसीब

विधा - स्वैच्छिक ( छंदमुक्त कविता) 


हम अपना भाग्य स्वयं बनाते, 

कर्मों का ही फल पाते, 

कर्म ही भाग्य बनाता , 

मनुष्य को यह समझ नहीं आता, 

मनुष्य जब सतसंग में जाता, 

कर्मों के खेल को समझ जाता, 

अपने कर्मों में परिवर्तन लाता, 

सत्कर्मो से महान बन जाता, 

संगति पर कर्मों का फल निर्भर करता, 

कर्मों का फल ही भाग्य बनाता, 

इंसान अपने भाग्य का स्वयं निर्माता, 

यही बात हर एक धर्म ग्रंथ समझाता । 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जम्मू ,  जम्मू कश्मीर







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