# नमन मंच🙏🙏🙏
# साहित्य बोध असम इकाई
# दिनांक- 17/05/2021
# दिन- सोमवार
#विषय- साहित्य समूह या जन्मदिन समूह
#विधा - चर्चा साहित्य में विकृति पर
साहित्य समूह साहित्य का प्रचार प्रसार करते है और नव लेखकों को प्रोत्साहित करते हैं कि वह भी साहित्य के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें सकें । लेकिन आज साहित्य समूह का उद्देश्य बिल्कुल बदल चुका है साहित्य समूह सिर्फ अब जन्मदिन, शादी की सालगिरह की मुबारक देने के लिए रह गए हैं । रचनाकारों की अहमियत कम होती जा रही है ।जिन्होंने किसी संस्थान या समूह की स्थापना की है ,वे सिर्फ मनपसंद लोगों को ही आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करते हैं । उनको साहित्य के विकास से कोई लेना देना नहीं होता है।
साहित्य समूह के राष्ट्रीय पदाधिकारियों का कर्तव्य बनता है। कि नव लेखक को प्रोत्साहित करें और साहित्य की अन्य विधाओं का ज्ञान प्रदान करें । साहित्य समूह को साहित्य समूह ही रहने दें ,उसे जन्मदिन समूह न बनाएं।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू , जम्मू कश्मीर
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