फ़ॉलोअर

शनिवार, 15 मई 2021

कर्मफल

 नमन मंच 🙏🙏🙏

#कलम बोलती है

दिनांक -16/07/2021

दिन - शुक्रवार

#विषय -कर्मफल

विधा - स्वैच्छिक -  छंदमुक्त कविता


जीवन रूपी धरती में, 

जैसा बीज बोयते, 

  वही कटाना पड़ता है, 

कर्मों से ही कर्मफल बनता, 

कर्म करने से पहले, 

हमेशा रखी ध्यान, 

बिना सोचे समझे, 

जो कर्म करते, 

उनको भुगतने पड़ते, 

गंभीर परिणाम, 

कर्म ही इंसान को महान बनाता, 

देवताओं की श्रेणी में लाता, 

कर्मफल ही इंसान को, 

दुखी सुखी बनाता । 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जम्मू , जम्मू कश्मीर





कोई टिप्पणी नहीं:

प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है

 शीर्षक: प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है सभी ग्रंथों का सार  सभी एक है परिवार  बना ले इसको जीवन का आ...