# नमन मंच
#हिंददेश परिवार बिहार इकाई
# दिनांक- 21/04/2021
# दिन-बुधवार
#विषय- गुलाब
#विधा - स्वैच्छिक
जीवन में गुलाब ही बनाना,
हर किसी को आकर्षित करना,
कांटों में ही रहकर ,
वातावरण को सुगंधित करना,
अपनी मनमोहक खूशबू से ,
सबको पास बुलाता,
हर मुश्किल में,
अपने धर्म पर अडिग रहने की ,
सीख सिखाता,
टूट जाने पर भी ,
भगवान के चरणों में स्थान पाता,
शहीदों के शरीर पर ,
श्रृद्धांजलि देने के लिए चढ़ाया जाता
पानी में उबालने के बाद भी,
आंखों की जलन बुझाता,
मनुष्य तुम भी अपना जीवन,
गुलाब की तरह बनाओं,
अपने शुभ गुणों से,
संसार को महकायो ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू, जम्मू कश्मीर
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