# नमन मंच 🙏🙏🙏
# साहिति्यक महफ़िल परिवार
# दिनांक - 03/06/2021
# दिन - बृहस्पतिवार
# विषय - यादें
# विधा - स्वतंत्र
यादें बीते समय का साया,
जिसने कभी हंसाया रुलाया।
हर पल मन खोया रहता ,
हर याद को हृदय हार में पिरोया।
जो चले गए उनकी यादें बहुत रुलाती,
मन में दुख की वेदना भर जाती।
बिछुड़े गए जो अपने, उनके होने का आभास कराती,
यादों की चुभन हृदय को, शोकाकुल बना जाती।
यादें जीवन के हर पल का अहसास कराती,
जीवन का खालीपन दूर कर जाती ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू, , जम्मू कश्मीर
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें