# नमन मंच 🙏🙏🙏
# साहित्य संगम संस्थान जम्मू कश्मीर इकाई
# दिनांक - 17/04/2021
# दिन - शनिवार
# विषय - स्कंदमाता
# विधा - स्वैच्छिक
तेरी सदा ही जय माँ, तेरी सदा ही जय माँ,
कमल पर विराजित रहती,
पद्मासना कहलाती,
भगवान स्कंद की, तुम ही जननी,
स्कंदमाता कहलाती,
कमल पुष्प कर में धारण करती,
वात्सल्य प्रेम से संसार को महकाती ,
तेरी कृपा से माता,
मूढ़ ज्ञानी बन जाते,
तेरी अराधना से माता,
भक्तजनों का लोक परलोक सफल हो जाता।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू, जम्मू कश्मीर
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