# नमन मंच 🙏🙏🙏
# साहित्य बोध असम इकाई
# दिनांक - 20/05/2021
# दिन - गुरुवार
# विषय - धर्म
# विधा - स्वैच्छिक
सब धर्मों ने ,
दया को धर्म का मूल बताया।
मानव सेवा को ,
जीवन का लक्ष्य बनाया।
दीन दुखियों के,
दर्द को बांटना सच्चा कर्म बताया।
आस्था यही बन जाती,
सब इंसानों में समानता दिख आती।
जात पात का भेद मिटाती,
सब में एक ईश्वर की ज्योति दिखाती।
धर्म ईमानदारी की सीख सिखाता,
पराया हक खाने से बचाता ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू, जम्मू कश्मीर
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