# विषय - बादल
काले बादल, मतवाले बादल
धरती को हरा भरा, करते बादल
किसान की मुसकान ,कारण बनते बादल
बादल देखकर ,सब ओर प्रसन्नता आती
मीठे मीठे पकवानों की ,खुशबू घर को महकाती
बादलों का छाना, वर्षा का संदेशा लेना
पानी से ,खेतों का भर जाना
बच्चों का ,चीखना चिल्लाना
वर्षा के पानी में , कश्तियाँ तैराना
बादलों की आमद ,खुशियाँ लाई
दामिनी ने भी गरज कर, अपनी प्रसन्नता जताई
वर्षा का पानी, धरा पर बहार लायेगा
सब के मन को, सुख का अहसास करायेगा ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू, जम्मू कश्मीर
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