# नमन मंच 🙏🙏🙏
#गूंज क़लम की
# दिनांक - 11 सितम्बर, 2021
# दिन - सोमवार
# विषय - कात्यायनी
# विधा - स्वैच्छिक
महर्षि कात्यायन की सुता तूं,
कात्यायनी कहलाती,
चार भुजाएँ तेरी,
चतुर्थभुजा कहलाती,
वाहन तेरा सिंह,
दुष्टों को ललकारता,
तेरा स्वरूप भव्य और दिव्य,
स्वर्ण समान दिखलाई देता,
तेरी भक्ति से माँ अर्थ, धर्म, काम, मोक्ष,
आसानी से मिल जाता,
रोग, शोक, संताप, भय का,
पल में नाश करती,
तेरी कृपा से माँ,
साधक परमपद पाता,
तेरी महिमा माता,
सृष्टि का कण कण गाता ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू, जम्मू कश्मीर
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