# विषय - राम विवाह
# विधा - गद्य - पद्य
राजा जनक ने अपनी पुत्री जानकी का स्वयंवर रचाया,
सभी राज वीरों को अपने देश बुलाया,
सीता से विवाह करने की शर्त रखी भारी,
जो धनुष उठायेगा ,
उससे ही विवाह करेंगी मेरी सुता प्यारी,
सभी वीर राजाओं ने बहुत जोर लगाया,
कोई भी धनुष को हिला न पाया,
राजा जनक को चिंता ने घेरा,
कौन पूरा करेगा प्रण मेरा,
श्री राम ने धनुष झट से उठाया ,
सीता से ब्याह रचाया,
माता सीता ने वरमाला श्री राम के गले में डाली,
सब मिलकर बजाने लगे ताली,
तभी वहाँ अचानक भगवान परशुराम आये,
शिव को टूटा हुआ देखकर बहुत चलाये,
धनुष तोड़ने वाले को मारने पर तूल आये,
श्री राम ने अपना निज रूप दिखाया,
परशुराम के मन को बहुत भाया,
माता सीता के विवाह की यही कहानी,
गाते है सभी मुनि ज्ञानी।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू,जम्मू कश्मीर
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