# नमन मंच 🙏🙏🙏
# हिंददेश परिवार
# दिनांक - 02/05/2021
# दिन - रविवार
# विषय -
# विधा - स्वतंत्र ( छंदमुक्त कविता)
तदबीर से तकदीर बदलती ,
परिश्रम से परीक्षा पास होती ,
बिना मेहनत के ,
कुछ हासिल नहीं होता,
किस्मत पर भरोसा रखनेवाला ,
अपना आप डूबोता है,
चींटी अगर किस्मत पर करती भरोसा,
कैसे दीवार पर चढ़ पाती,
ना दूसरों के लिए मिसाल बन पाती,
परिश्रमी ही मंजिल को पाता,
राह की कठिनाईयों दूर कर ,
नया मार्ग बनाता।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू , जम्मू कश्मीर
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