# नमन मंच 🙏🙏🙏
# साहित्य संगम संस्थान तेलंगाना इकाई
# दिनांक - 12/04/2021
# दिन - सोमवार
# विषय - निंदक
# विधा - स्वैच्छिक
निंदा करने वाला निंदक कहलाता,
सबके पापों का बोझ उठाता,
निंदक को हर एक दोष नज़र आता,
निंदा करना उसे सुहाता,
कोई न उसे पास बिठाता,
सबसे अपना अपमान करवाता,
दिल को मैल से भरकर रखता,
सुधरने का कोई यत्न न करता,
निंदा उसको नर्क पहुंचाती,
जीवन उसका निष्फल बनाती
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू, जम्मू कश्मीर
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