# नमन मंच 🙏🙏🙏
# कलमकार कुम्भ साहित्य संस्थान दिल्ली
# दिनांक - 18/03/2021
# दिन - गुरुवार
# विषय - जुनून
# विधा - स्वैच्छिक - छंदमुक्त कविता
बिना जुनून के होता न, कोई काम,
सोये रहते सब करते आराम
बिना जुनून के कोई , पर्वत पर न चढ़ पाता,
ना कोई बना पाता इतिहास ।
बिना जुनून के कोई पढ़ नहीं पाता,
परीक्षा में कैसे सफल हो पाता।
बिना जुनून के कोई लक्ष्य न बनाता
मंजिल पर कैसे पहुँच पाता।
बिना जुनून के ईश्वर नहीं मिलता,
हृदय कमल कैसे खिलता।
बिना जुनून के कोई न करता अविष्कार ,
अंधेरे में डूबा रहता संसार।
बिना जुनून के योद्धा युद्ध लड़ नहीं पाता,
कैसे वो वीर कहलाता।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू कश्मीर ,जम्मू
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