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शनिवार, 27 मार्च 2021

दुल्हन सी सजी धरती

  नमन मंच 🙏🙏🙏

# नव साहित्य परिवार

# दिनांक - 2/204/2021

# दिन -गुरुवार

# विषय - पृथ्वी दिवस

# विधा - स्वैच्छिक

पेड़ पौधों से हरी भरी

चंदन सी महकती 

शुद्ध हवा की दात्री 

दुल्हन सी सजी धरती। 

नदियों की जल की धारा

हरा भरा करती संसार

बांटती खुशियाँ हज़ार

दुल्हन सी सजी धरती । 

अपना सीना चीर कर 

अन्न उगाती है

सब की भूख मिटाने के लिए

हर दुख हंसते हंसते सह जाती है  । 

अपनी सुख सुविधा के लिए

मत इसको खोखला करते जाओ

भुगतने पडे़गे तुमको गंभीर परिणाम

सब बोलेगें त्राहि त्राहि 

दुल्हन सी सजी धरती। 

स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह

जम्मू, जम्मू कश्मीर



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