# नमन मंच 🙏🙏🙏
# हिंदी साहित्य संगम संस्थान महाराष्ट्र इकाई
# दिनांक - 16/03/2021
# दिन - मंगलवार
# विषय - फाग महोत्सव: होली विशेष
# विधा - स्वैच्छिक - छंदमुक्त कविता
होली के दिन सबको रंग लगायेंगे
गिले शिकवे दिलों से मिटायेंगे
बेरंग ज़िंदगी रंग जायेगी
दुख सब भूल जाएगी
बैर विरोध सब दिलों से बिसरेगे
प्यार से सब गले मिलेगें
पानी की होगी बौछार
रंगों में रंग जाएंगे।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह, जम्मू कश्मीर, जम्मू
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