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मंगलवार, 30 मार्च 2021

ईमानदार

 # नमन मंच 🙏🙏🙏

# साहित्य संगम संस्थान जम्मू & कश्मीर इकाई

# दिनांक - 31/03/2021

# दिन - बुधवार

# विषय - ईमानदार

# शीर्षक - ईमान की खायेगा

# विधा -  छंदमुक्त कविता

ईमान की खायेगा, 

सदा तृप्ति रहेगा, 

चिंता फिक्र से , 

हमेशा निवृत्त रहेगा, 

ईमानदारी का मानता हूँ, 

अब कोई मोल नहीं है, 

बेईमानों का अब , 

बोलवाला है, 

सब समझते हैं, 

ईमानदार ही, 

बस भोला भाला है, 

बेईमानों की चतुराई, 

कहीं काम न आएगी, 

ईश्वर के दरबार में, 

सिर्फ शर्मीदगी दिलवाएंगी, 

ईमानदार ही सम्मान, 

पाता है, 

ईश्वर को हमेशा, 

अपने निकट पाता है । 

स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह

जम्मू कश्मीर ,जम्मू



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