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बुधवार, 24 मार्च 2021

जल ही जीवन है

  नमन मंच 🙏🙏🙏

#हिंददेश परिवार झारखंड  इकाई

दिनांक - 08/07/2021

 दिन - गुरुवार

#विषय - जल ही जीवन है

विधा - छंदमुक्त कविता


जल ही जीवन है, 

जल बिना होता न कोई काम। 

जल ही पूजा जाता, 

जल ही पतित पावनी गंगा कहलाता। 

जल ही करता समस्त पापों का नाश, 

जल ही करता आत्म प्रकाश। 

जल से ही फसल उग पाती, 

सभी प्राणियों की भूख मिटाती। 

जलचर जल से ही जीवन पाते, 

बिना इसके मृत्यु को पाते । 

जल बिन सूखा पड़ जाता, 

मृत्यु का  भय सब को सताता। 

मनुष्य जल बिन, एक पल नही रह पाता, 

प्यास का मारा बहुत चिल्लाता । 

जल ही है जीवन का आधार, 

यह है ईश्वर का अमूल्य उपहार। 

जल संरक्षण है बहुत जरूरी, 

बिना इसके न होगी जरूरतें पूरी। 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह 

जम्मू कश्मीर, जम्मू




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