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शुक्रवार, 5 मार्च 2021

जैसा खायें अन्ना, बने वैसा मन

 # नमन मंच 🙏🙏🙏

# हिंददेश परिवार राजस्थान

# दिनांक - 05/03/2021

# दिन - शुक्रवार

# विषय - जैसा खायें अन्न, वैसा बने मन

# विधा - छंदमुक्त कविता

जैसे खाना खायोगे वैसा ही फल पाओगे

शुद्ध शाकाहारी भोजन खाओ 

तन के सारे रोग भगाओ 

मांसाहार का कभी न करो खाना पाना

हृदय शुद्ध रहेगा आठों याम

मेहनत की रूखी सूखी खाओ 

इसमें ही ईश्वर का शुक्र मनाओ

बेईमानी के पैसे का कभी न खाओ अनाज

भुगतने पड़ेगे रोग पचास

शाकाहारी भोजन की सबसे बड़ी बात

सुरति जुड़ी रहे हरि के साथ

भोजन की एक  कथा सुनाऊँ

एक संयासी की व्यथा बताऊँ

बेईमान के घर कर लिया भोजन

धर्म कर्म उससे भाग गया सौ योजन

उठा लाया चम्मच सोने का

रास्ते अपने को धिक्कारता आया

समझ गया भोजन की कहानी

पापी के घर खाना खाया

तभी तो खोटा कर्म कमाया

जैसा भोजन खाओगे वैसा ही कर्म कमाओगे। 


स्वरचित एवं मौलिक  

अमरजीत सिंह

 जम्मू कश्मीर ,जम्मू






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