नमन मंच
दिनांक - २२/०२/२०२१
दिन - सोमवार
विधा - कविता
शीर्षक - वर्षा की नन्ही- सी बूंद
वर्षा की नन्ही- सी बूंद
चारों ओर मची है हरियाली की धूम
धरती की प्यास बुझाती है
शीतलता की देवी कहलाती है
दसों दिशाओं में खुशी है छाई
मन में है उमंग भर आई
टिप टिप की आवाज है करती
मन में आनंद उल्लास है भरती
नन्ही सी बूंद उम्मीद बढाती
फसलें तभी फल से भर पाती|
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू कश्मीर, जम्मू
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