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रविवार, 4 मई 2025

भजन सिमरन

 शीर्षक  - भजन सिमरन 

भजन सिमरन में मन कोई न कर ढील , यही दौलत बनाती जीव को अमीर।

अंत न लगते यम के कील ,यही सीख देते सब संत फकीर।


स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह 

जिला सांबा ,जम्मू-कश्मीर 




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