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शनिवार, 3 मई 2025

सतगुर संग

 शीर्षक - सतगुर संग 

सतगुर संग पा लिया, नाम निधान भरपूर , 

अब मन जान गया,जगत पदार्थ झूठ। 

सर्वव्यापी हृदय  बस लिया , 

महाप्रताप यह है सतगुर चरण धूल।


स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह 

जिला सांबा ,जम्मू-कश्मीर 




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