शीर्षक - सतगुर संग
सतगुर संग पा लिया, नाम निधान भरपूर ,
अब मन जान गया,जगत पदार्थ झूठ।
सर्वव्यापी हृदय बस लिया ,
महाप्रताप यह है सतगुर चरण धूल।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला सांबा ,जम्मू-कश्मीर
शीर्षक: प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है सभी ग्रंथों का सार सभी एक है परिवार बना ले इसको जीवन का आ...
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