#तेरा नाम जहाज
" प्रीतम प्यारे तेरा नाम जहाज ,
मुझ अवगुणहारी का बेड़ा कर दे पार
तूं ही बेड़ी तूं ही मल्लाह
तूं दाता बेपरवाह ,सारा संसार तेरा ही परिवार
तेरा हुक्म से ही चलती सारी कायनात की कार ।"
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर
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