फ़ॉलोअर

बुधवार, 28 दिसंबर 2022

कर्म धर्म तब फल पाता

 #कर्म धर्म तब फल पाता 

कर्म धर्म तब फल पाता, जब हृदय से किया जाता 

बिना भेदभाव से सेवा कमाता, मन साधु धूलि में मिल जाता 

मैं मेरी का भाव मिटाता, तूं तेरी का स्वभाव मन का बन जाता 

सेवा सिमरन सत्संग में जीवन बिताता, गुरु उपदेश पर चलना जिंदगी का ध्येय बन जाता 

स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर 



कोई टिप्पणी नहीं:

प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है

 शीर्षक: प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है सभी ग्रंथों का सार  सभी एक है परिवार  बना ले इसको जीवन का आ...