शीर्षक - मुर्शिद तेरी मौज
मुर्शिद तेरी मौज में पापी भी तर जाता
दिन रात तेरे ही गुण गाता
मैं मेरी तूं तेरी में बदल जाता
मुर्शिद तेरी मौज
शीर्षक: प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है सभी ग्रंथों का सार सभी एक है परिवार बना ले इसको जीवन का आ...
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