#परिंदा
मन परिंदा दौड़ता ही दौड़ता जाता
एक पल भी टिक नहीं पाता
हंस को छोड़ कौवे संग प्रीत लगाता
अमूल्य मानस जन्म को व्यर्थ गंवाता
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
सांबा जम्मू कश्मीर
शीर्षक: प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है सभी ग्रंथों का सार सभी एक है परिवार बना ले इसको जीवन का आ...
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