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रविवार, 16 जनवरी 2022

दीवान टोडरमल जी की बेमिसाल सेवा

 शीर्षक - दीवान टोडरमल जी की बेमिसाल सेवा

दीवान टोडरमल की सेवा भावना को नमन बारंबार

ऐसा सेवक देखना से उतर जाए समस्त पापों का भार । 

बजीर खान ने जुल्म कमाया था

नन्हें नन्हें बच्चों को जिंदा दीवार में चुनवाया था । 

माता गुजरी छोटे दो साहिबजादों के मृत शरीर को जंगल में फिकवाया था

कोई इनका दाह संस्कार न करे ऐसा फुरमान सुनाया था। 

दीवान टोडरमल ने हिम्मत दिखाई थी

दाह संस्कार की सेवा कमाई थी । 

पचहत्तर हजार सोने की मोहरें बिछाकर दाह संस्कार की भूमि पाई थी

माता गुजरी और छोटे साहिबजादों का दाह संस्कार की बेमिसाल सेवा कमाई थी । 

बजीर खान ने जब दाह संस्कार दीवान टोडरमल द्वारा करने की खबर पाई थी

दीवान टोडरमल समेत समस्त परिवार को जिंदा जलाने की सजा सुनाई थी। 

दीवान टोडरमल  के समस्त परिवार ने सेवा का मूल्य चुकाया था, 

इस महान सेवा के लिए जिंदा जल जाने को अपना महान कर्म बताया था।  

संसार दीवान टोडरमल के समस्त परिवार की कुर्बानियों को याद करके शीश झुकाता है। 

उनकी कुर्बानियों को याद करके सबकी आंखों में पानी भर आता है। 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

सांबा, जम्मू कश्मीर


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