शीर्षक - भारतीय संविधान को नमन करता हूँ बारंबार
समानता की बात है करता
भेदभाव किसी से नहीं रखता
सबको देता एक समान अधिकार
भारतीय संविधान को नमन करता हूँ बारंबार ।
अन्याय को नहीं सहता
मुजरिम को सजा दिलवाता
सत्यमेव जयते का करता प्रचार
भारतीय संविधान को नमन करता हूँ बारंबार ।
धर्मनिरपेक्षता है इसकी पहचान
अपनी सांस्कृतिक भिन्नता को बताता महान
शांति, एकता की भावना है इसका सार
भारतीय संविधान को नमन करता हूँ बारंबार ।
सबको देता मतदान का अधिकार
मर्जी से चुने अपनी सरकार
हमारा है यह मूल अधिकार
भारतीय संविधान को नमन करता हूँ बारंबार ।
शिक्षा, रोजगार का अवसर सबको बराबर देता
छुआछूत की कुरीति को जड़ से मिटाता
इसने ही दिये हम सब अधिकार
भारतीय संविधान को नमन करता हूँ बारंबार।
स्वरचित एवंं मौलिक
अमरजीत सिंह
सांबा , जम्मू कश्मीर
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