नमन मंच 🙏🙏🙏
#गूंज कलम की साहित्य संस्थान जम्मू कश्मीर इकाई
दिनांक - 06/10/2021
दिन - शनिवार
#विषय - गोवर्धनधारी
विधा - स्वैच्छिक ( गद्य - पद्य)
इंद्र देव का अहंकार मिटाया,
सबको भक्ति का नया रास्ता दिखाया ।
गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर उठाया,
गोवर्धनधारी नया नाम भक्त जनों से पाया।
गोकुल वासियों को इंद्र देव के प्रकोप से बचाया,
गोकुल वासियों से गोवर्धन पर्वत का पूजन करवाया।
इंद्र देव के अहंकार को तोड़ने की खातिर नई लीला को रचाया,
इंद्र देव ने अपना शीश यशोदानंदन के सामने झुकाया।
हरि की लीला को देखकर सब ने गोवर्धनधारी को शीश निभाया,
देवों ने आकाश से फूलों को बरसाया ।
भगवान श्री कृष्ण सबके मन को भाया,
देवकीनंदन ने गोकुल को अपनी लीलाओं से बैकुंठ धाम बनाया।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
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