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# गूंज क़लम की जम्मू कश्मीर इकाई
दिनांक - 09/08/2021
दिन - सोमवार
विषय - सन् 1857: प्रथम स्वतंत्रता संग्राम
विधा - छंदमुक्त कविता
भारतीयों ने आजादी की कीमत पहचानी थी, ,
अंग्रेजों को देश से भगाने की ठानी थी,
सन् 1857 ऐसा आया था,
जिसने ब्रिटिश सरकार को हिलाया था,
सभी राजवाड़ो ने विरोध जताया था,
अंग्रेजी सरकार को भगाने का हर तरीका अपनाया था,
मंगल पांडे ने अंग्रेजी सरकारी के खिलाफ़ अपनी आवाज उठाई थी,
सब ने मिलकर लड़ी लड़ाई थी,
अंग्रेजों ने अवध, झांसी की सत्ता को छीनने की नीतियां बनाई थी,
तभी तो झांसी की रानी लक्ष्मीबाई ने तलवार उठाई थी,
नाना साहेब, तात्या टोपे, ने लक्ष्मीबाई के साथ मिलकर लड़ी लड़ाई थी,
आजादी पाने के लिए अपने प्राणों की बाजी लगाई थी,
सारे भारतीय लोगों ने एकता दिखाई थी,
अंग्रेजी सरकारी की नींव पूरे जोर से हिलाई थी,
1857 के विद्रोह ने ही भारतीय को जगाया था,
आज़ादी को पाने के लिए संघर्ष का मार्ग दिखाया था ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू , जम्मू कश्मीर
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