नमन मंच 🙏🙏🙏
#हिंददेश बिहार इकाई
दिनांक - 03/07/2021
दिन- बुधवार
#विषय - शांत मन
विधा - स्वैच्छिक (छंदमुक्त कविता)
शांत मन शांति फैलाता,
सबसे प्रेम करना सिखाता,
नफरत करना उसको नहीं भाता,
संसार रूपी उपवन को अपनी खूशबू से महकाता,
दया भावना उसका स्वभाव बन जाता,
दूसरों की पीड़ा देखकर सहानुभूति दिखाता,
मानव सेवा को जीवन का लक्ष्य बनाता,
ऊंच नीच का मन से भेद मिट जाता,
प्रकृति के कण कण से हो जाता प्यार,
सारा संसार उसको दिखता एक परिवार,
शांत मन ही संसार को सुंदर बनाने का करता काम,
धरती को ही बना देता बैकुंठ धाम ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू , जम्मू कश्मीर
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